गुवाहाटी, असम से प्रधानमंत्री का संबोधन; मैनपाट कृषि विज्ञान केंद्र में कार्यक्रम आयोजित…
पीएम किसान सम्मान निधि की 22वीं किस्त जारी, किसानों के खातों में पहुंची राशि,जनप्रतिनिधि व किसान रहे मौजूद

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत देशभर के किसानों को बड़ी सौगात देते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने असम के गुवाहाटी से 22वीं किस्त की राशि किसानों के बैंक खातों में हस्तांतरित की। इस अवसर पर सरगुजा जिले के कृषि विज्ञान केंद्र, मैनपाट (चलता) में भी कार्यक्रम आयोजित कर किसानों को योजना की जानकारी दी गई और प्रधानमंत्री के संबोधन का सीधा प्रसारण दिखाया गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत सदस्य श्री शिवभरोस बेक उपस्थित रहे। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा सरगुजा के जिलाध्यक्ष श्री अनिल निराला उरांव तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम पंचायत की सरपंच श्रीमती किरण भगत ने की।
इस अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र मैनपाट के प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. राजेश चौकसे, वैज्ञानिक श्री प्रदीप लकड़ा, डॉ. चंद्रमणि साहू, अनुविभागीय अधिकारी कृषि श्रीमती अनिता एक्का, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्रीमती लिली मॉरिस बखला, उद्यानिकी महाविद्यालय के छात्र-छात्राएं, मैदानी अधिकारी तथा बड़ी संख्या में कृषक बंधु उपस्थित रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष अनिल निराला उरांव ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार किसानों के हित में लगातार योजनाएं चला रही है। इन योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचे, इसके लिए विभागों को समय-समय पर कार्यशालाओं का आयोजन करना चाहिए ताकि किसानों को योजनाओं की सही जानकारी मिल सके।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से करोड़ों किसानों को प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता मिल रही है, जिससे उनकी खेती और आजीविका को मजबूती मिली है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने, आधुनिक कृषि तकनीक अपनाने, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और कृषि से जुड़े बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

प्रधानमंत्री ने किसानों से नई तकनीकों को अपनाने, जल संरक्षण पर ध्यान देने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान भी किया। कार्यक्रम में उपस्थित किसानों ने योजना के प्रति सरकार के प्रयासों की सराहना की।



