छत्तीसगढ़ में 3,147 करोड़ का मेगा हाईवे प्रोजेक्ट शुरू, पत्थलगांव-झारखंड सीमा सड़क निर्माण ने पकड़ी रफ्तार
रायपुर–धनबाद इकोनॉमिक कॉरिडोर का अहम हिस्सा धरातल पर, जशपुर समेत कई जिलों को मिलेगा सीधा लाभ

The Chalta/रायपुर/ भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने छत्तीसगढ़ में 3,147 करोड़ रुपये की लागत वाले बड़े सड़क प्रोजेक्ट पर जमीनी स्तर पर काम शुरू कर दिया है। यह परियोजना पत्थलगांव-कुनकुरी से छत्तीसगढ़–झारखंड सीमा (NH-43) तक विकसित की जा रही है, जो बहुप्रतीक्षित रायपुर–धनबाद इकोनॉमिक कॉरिडोर का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

यह परियोजना नरेंद्र मोदी द्वारा राज्य की रजत जयंती के अवसर पर रखी गई आधारशिला का परिणाम है, जो अब वास्तविक रूप लेती नजर आ रही है। करीब 627 किलोमीटर लंबे रायपुर–धनबाद कॉरिडोर का लगभग 384 किलोमीटर हिस्सा छत्तीसगढ़ में आता है। फिलहाल 104.25 किलोमीटर लंबे पत्थलगांव से झारखंड सीमा तक के खंड में निर्माण कार्य तेज गति से जारी है।

इस सड़क खंड में कुल 382 छोटी-बड़ी संरचनाएं बनाई जाएंगी, जिनमें 7 बड़े पुल, 30 छोटे पुल, 6 फ्लाईओवर, 1 एलीवेटेड वायडक्ट, 10 वेहिकुलर अंडरपास, 18 लाइट वेहिकुलर अंडरपास, 26 स्मॉल अंडरपास, 21 मवेशी व पैदल अंडरपास और 278 पुलिया शामिल हैं। इनसे सड़क पूरी तरह बाधा-रहित और सुरक्षित बनेगी।

परियोजना निदेशक डीडी पार्लावर के अनुसार, यह कॉरिडोर छत्तीसगढ़ और झारखंड के बीच इंटर-स्टेट कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा और व्यापारिक परिवहन को नई गति देगा।
यह मार्ग जशपुर जिले के लिए एक लाइफलाइन साबित होगा। पत्थलगांव, कांसाबेल, कुनकुरी, दुलदुला और जशपुर जैसे शहरों को जोड़ते हुए यह कॉरिडोर रायपुर, बिलासपुर, रायगढ़ और कोरबा जैसे औद्योगिक क्षेत्रों को धनबाद से जोड़ेगा।

बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से यात्रा समय, ईंधन खर्च और परिवहन लागत में कमी आएगी। साथ ही, कोयला खदानों और इस्पात उद्योगों को लाभ मिलेगा। इस परियोजना से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और व्यापार के नए अवसर भी पैदा होंगे, वहीं सड़क सुरक्षा और पर्यावरणीय प्रभाव में भी सुधार होने की उम्मीद है।



