सीतापुर में दर्दनाक हादसा: पत्नी को लेने निकले 65 वर्षीय बुजुर्ग को कार ने रौंदा, इलाज के दौरान मौत
30 मीटर तक घसीटने से सिर में आई गंभीर चोट, अस्पताल पहुंचाने में ग्रामीणों ने निभाई मानवता—ड्राइवर CHC से हुआ फरार

The Chalta/सीतापुर क्षेत्र में सोमवार 27 अप्रैल की ढलती दोपहर एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। सीतापुर निवासी 65 वर्षीय पुंजराम पैंकरा अपनी पत्नी को लेने खड़गांव जा रहे थे, लेकिन उन्हें क्या पता था कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा।
बताया जा रहा है कि सूर बस स्टैंड से चलता की ओर कुछ दूर ही पहुंचे थे कि पीछे से तेज रफ्तार में आ रही नई ब्रेजा कार ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बुजुर्ग लगभग 50 मीटर तक सड़क पर घसीटते चले गए। इस भयावह दृश्य को देखकर मौके पर मौजूद ग्रामीणों के रोंगटे खड़े हो गए।

घटना के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीणों ने मानवता का परिचय देते हुए घायल बुजुर्ग को संभाला और कार को पुलिस के हवाले कर दिया। कार सवार व्यक्ति भी इलाज में मदद का दिखावा करते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सीतापुर तक पहुंचा, लेकिन जैसे ही ग्रामीण इलाज में व्यस्त हुए, वह वहां से फरार हो गया।

हादसे के वक्त परिजन अलग-अलग विवाह समारोह में शामिल होने गए थे, ऐसे में पूरी जिम्मेदारी स्थानीय ग्रामीणों ने उठाई। डॉक्टरों ने बिना देरी किए प्राथमिक उपचार शुरू किया, लेकिन बुजुर्ग की हालत बेहद गंभीर बनी हुई थी। स्थिति को देखते हुए उन्हें तत्काल जिला चिकित्सालय रेफर किया गया।
ग्रामीणों ने एक बार फिर संवेदनशीलता दिखाते हुए 108 एंबुलेंस की मदद से बुजुर्ग को जिला अस्पताल पहुंचाया। परिजन भी जिला चिकित्सालय पहुंचे।हालांकि, तमाम प्रयासों के बावजूद देर रात लगभग 3 बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मंगलवार 28 अप्रैल को पुलिस ने पंचनामा और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिया। गमगीन माहौल में परिजनों ने अंतिम संस्कार किया।
यह घटना न केवल एक परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है, बल्कि समाज के लिए भी एक कड़ा संदेश है कि सड़क पर जरा सी लापरवाही किसी की जिंदगी छीन सकती है। वहीं, इस दुखद घड़ी में सीतापुर सूर के स्थानीय ग्रामीण मुस्लिम समाज के द्वारा दिखाई गई मानवता ने इंसानियत की मिसाल भी पेश की।



