विधायक–अफसर विवाद पर भाजपा का रुख स्पष्ट
नायब तहसीलदार से विवाद मामले ने पकड़ा राजनीतिक रंग, भाजपा नेताओं ने विधायक के साथ एकजुटता दिखाई

सीतापुर/अंबिकापुर। राजापुर उप तहसील के नायब तहसीलदार तुषार माणिक और सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो के बीच हुए विवाद ने अब राजनीतिक स्वरूप ले लिया है। मामले में भारतीय जनता पार्टी खुलकर विधायक रामकुमार टोप्पो के समर्थन में सामने आ गई है। भाजपा के जिला एवं प्रदेश स्तर के नेताओं ने सीतापुर पहुंचकर विधायक और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की तथा स्पष्ट किया कि पार्टी अपने विधायक के साथ मजबूती से खड़ी है, जबकि शासन और प्रशासन कानून के अनुसार कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र हैं।

सर्किट हाउस में आयोजित बैठक में भाजपा नेताओं ने कहा कि यदि किसी अधिकारी द्वारा जनप्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं अथवा आम नागरिकों को प्रताड़ित किया जाता है तो संगठन उनके साथ खड़ा रहेगा। नेताओं ने कहा कि कानून और प्रशासन अपनी प्रक्रिया के अनुसार कार्य करें, लेकिन किसी जनप्रतिनिधि या कार्यकर्ता के साथ अन्याय होने पर भाजपा उसका विरोध करेगी।
बैठक के दौरान कार्यकर्ताओं ने नायब तहसीलदार तुषार माणिकपुरी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए उनके खिलाफ नाराजगी व्यक्त की। कार्यकर्ताओं का आरोप था कि उनके कार्यकाल में आम लोगों के कई कार्य लंबित रहे हैं तथा कार्यालय में लोगों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ा है। इस दौरान नायब तहसीलदार की कार्यशैली और संपत्तियों की जांच कराने की मांग भी उठाई गई।
भाजपा नेताओं का कहना था कि जनप्रतिनिधियों का दायित्व जनता की समस्याओं को उठाना और उनका समाधान सुनिश्चित करना है। यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी जनहित के मामलों में उदासीनता बरतता है तो उसके खिलाफ आवाज उठाना किसी भी जनप्रतिनिधि का अधिकार है। नेताओं ने कहा कि विधायक रामकुमार टोप्पो का मामला पार्टी विरोधी गतिविधि का नहीं है, इसलिए संगठन उनके साथ खड़ा है।

इस बीच भाजपा विधि प्रकोष्ठ के जिला संयोजक जनेमजय पाण्डेय ने कलेक्टर सरगुजा को पत्र लिखकर राजस्व अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा हड़ताल की चेतावनी दिए जाने पर कार्रवाई और निलंबन की मांग की है।
वहीं राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्वविजय सिंह तोमर ने बयान जारी कर कहा कि भाजपा सरकार ने अपने विधायक के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने दी है, जबकि पूर्व में तत्कालीन उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव द्वारा एक अधिकारी को थप्पड़ मारने के आरोप के मामले में कांग्रेस सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की थी। उन्होंने कांग्रेस नेताओं से इस तथ्य को भी याद रखने की बात कही।
भाजपा के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने नाम प्रकाशित नहीं करने की शर्त पर कहा कि विधायक रामकुमार टोप्पो अपनी स्पष्ट कार्यशैली और आक्रामक जनप्रतिनिधित्व के लिए जाने जाते हैं। उनका कहना था कि पश्चिम बंगाल चुनाव के दौरान भी उन्होंने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में पार्टी के लिए सक्रिय भूमिका निभाई थी। नेताओं का मानना है कि जनता से जुड़े मुद्दों पर मुखर होना उनकी कार्यशैली का हिस्सा है।
बैठक में दर्ज एफआईआर और पुलिस कार्रवाई पर भी चर्चा हुई। भाजपा नेताओं ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार का राजनीतिक या प्रशासनिक दबाव जांच को प्रभावित नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कानून सभी के लिए समान है और मामले की जांच तथ्यों के आधार पर होनी चाहिए।
गौरतलब है कि विवाद की शुरुआत विधायक रामकुमार टोप्पो की बहन द्वारा दिए गए एक आवेदन पर कार्रवाई को लेकर हुई थी। आरोप है कि तहसील कार्यालय में इसी विषय को लेकर विधायक और नायब तहसीलदार के बीच विवाद बढ़ गया, जिसके बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। घटना के बाद से यह मामला प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
फिलहाल पूरे प्रकरण में पुलिस जांच जारी है और सभी की नजर शासन एवं प्रशासन द्वारा आगे उठाए जाने वाले कदमों पर टिकी हुई है।



