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एक खेत, दो दावेदार और एक दर्दनाक मौत,आठ गिरफ्तार

सिलमा चिटकाही में धान बोआई को लेकर खूनी संघर्ष, हत्या में प्रयुक्त ट्रैक्टर जब्त; गांव में तनाव के बीच पुलिस की त्वरित कार्रवाई

बतौली, सरगुजा। जमीन विवाद ने एक बार फिर इंसानियत को शर्मसार कर दिया। बतौली थाना क्षेत्र के ग्राम सिलमा चिटकाही में विवादित भूमि पर धान बोआई को लेकर हुए विवाद ने खूनी रूप ले लिया, जिसमें एक बुजुर्ग किसान की बेरहमी से हत्या कर दी गई। इस दिल दहला देने वाली घटना में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है तथा हत्या में प्रयुक्त ट्रैक्टर भी जब्त कर लिया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता धनेश्वरी पैंकरा अपने पति होंश राम, पुत्र हेमंत पैंकरा एवं महेंद्र पैंकरा के साथ विवादित खेत पर पहुंची थीं। इसी दौरान दूसरे पक्ष के लोग लाठी-डंडों से लैस होकर वहां पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि सभी आरोपी एकजुट होकर होंश राम एवं उनके परिवार के सदस्यों का पीछा करते हुए हमला करने लगे।

मृतक होश राम एवं परिवार

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमले के दौरान धनेश्वरी, हेमंत और महेंद्र किसी तरह अपनी जान बचाकर भागने में सफल हो गए, लेकिन बुजुर्ग होंश राम आरोपियों के चंगुल में फंस गए। आरोप है कि पहले उनके साथ मारपीट की गई, फिर उमेश पैंकरा ने ट्रैक्टर से उन्हें टक्कर मारी। होंश राम ट्रैक्टर के बम्पर में फंस गए, जिसके बाद आरोपी ने उन्हें खेत के ऊंचे मेड़ तक घसीटते हुए ले जाकर पटक दिया। जमीन पर गिरने के बाद भी आरोपी नहीं रुका और ट्रैक्टर से कुचलकर उनकी निर्मम हत्या कर दी। यह भयावह दृश्य देखकर परिजन और ग्रामीण स्तब्ध रह गए।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। थाना बतौली में अपराध क्रमांक 66/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामले में आरोपी भुनेश्वर पैंकरा (80 वर्ष), बजरंग लाल, रघुनंदन पैंकरा, मनोज, उमेश पैंकरा, बोधन पैंकरा, कमलेश्वरी पैंकरा एवं प्यारी पैंकरा को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया है। घायलों का चिकित्सीय परीक्षण तथा मृतक का पोस्टमार्टम कराया गया है।

बतौली ( सरगुजा) पुलिस के अनुसार, गवाहों के बयान, घटनास्थल निरीक्षण, प्राथमिकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के विरुद्ध पर्याप्त प्रमाण मिले हैं। मामले की विवेचना जारी है। पटवारी नक्शा, एफएसएल जांच रिपोर्ट तथा अन्य साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया अभी शेष है। फिलहाल एक छोटे से जमीन विवाद ने एक परिवार का सहारा छीन लिया और गांव को गहरे सदमे में डाल दिया।

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