हॉस्टल में छात्र की मौत पर बवाल, कार्रवाई की मांग पर अड़े ABVP के छात्र
केनमेमोरियल स्कूल के बाहर प्रदर्शन, निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग; प्रशासन ने जांच के आदेश की दी जानकारी

स्कूल प्रबंधन की भूमिका और गंभीर हालत में छात्र को अस्पताल ले जाने की प्रक्रिया पर उठे सवाल, प्रशासन ने जांच के आदेश की दी जानकारी
The Chalta/सीतापुर। सूर्यापारा स्थित केनमेमोरियल स्कूल के हॉस्टल में शनिवार रात आठवीं कक्षा के छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के छात्र आंदोलन कर रहे हैं। छात्र नेताओं ने घटना की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है। मौके पर पहुंचे सीतापुर प्रशासन और पुलिस के अधिकारी प्रदर्शनकारी छात्र नेताओं से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास कर रहे हैं। वहीं, छात्र तत्काल कार्रवाई की मांग पर अड़े हैं।
आंदोलन के दौरान नायब तहसीलदार ने छात्र नेताओं को बताया कि मामला कलेक्टर सरगुजा के संज्ञान में आते ही जांच के आदेश दिए गए हैं। इसके लिए जांच टीम गठित कर कार्रवाई की जा रही है। इधर, सीतापुर पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर पंचनामा और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी करने के बाद रविवार को शव परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया। फिलहाल, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।
छात्र को पहले निजी अस्पताल ले जाने पर सवाल
घटना के बाद हॉस्टल प्रबंधन की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। सबसे अहम सवाल यह है कि छात्र की हालत गंभीर होने के बावजूद उसे तत्काल सीतापुर अस्पताल ले जाने के बजाय पहले खड़गांव के निजी चिकित्सालय क्यों ले जाया गया? हालांकि, छात्र को पहले निजी अस्पताल ले जाने के निर्णय के पीछे की वजह की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था भी जांच के दायरे में
छात्र की मौत के बाद हॉस्टल में सुरक्षा व्यवस्था, बिजली के उपकरणों की स्थिति और घटना के समय जिम्मेदार कर्मचारियों की भूमिका को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। इन्हीं मुद्दों को लेकर ABVP के छात्र स्कूल के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं और मामले में जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं।
फिलहाल, घटना की परिस्थितियों, छात्र को अस्पताल ले जाने में अपनाई गई प्रक्रिया और हॉस्टल प्रबंधन की भूमिका की निष्पक्ष जांच महत्वपूर्ण है। पुलिस एवं प्रशासन की जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और संबंधित पक्षों के आधिकारिक बयान सामने आने के बाद ही घटना के कारणों और जिम्मेदारी की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।



