सीतापुर में अवैध उर्वरक परिवहन पर कृषि विभाग की बड़ी कार्रवाई
70 बोरी नीम कोटेड यूरिया एवं पिकअप वाहन जप्त, कालाबाजारी पर प्रशासन सख्त

सीतापुर, 14 मई 2026।
कलेक्टर सरगुजा के निर्देश एवं उपसंचालक कृषि सरगुजा श्री पीताम्बर सिंह दीवान के मार्गदर्शन में जिलेभर में उर्वरक की कालाबाजारी और अवैध परिवहन रोकने के लिए कृषि विभाग द्वारा सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत सीतापुर-मैनपाट मार्ग पर कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 70 बोरी नीम कोटेड यूरिया एवं एक पिकअप वाहन को जप्त किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीती रात लगभग 7 बजे सीतापुर-मैनपाट मार्ग पर चेकिंग के दौरान पिकअप वाहन क्रमांक CG 14 MK 6568 को रोककर जांच की गई। वाहन में 70 बोरी नीम कोटेड यूरिया लदा हुआ पाया गया। मौके पर उपस्थित वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्रीमती लीली मॉरिस बाखला (सीतापुर), श्री गंगा राम पैंकरा (मैनपाट), उर्वरक निरीक्षक श्री संतोष कुमार बेक तथा ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी श्री अमित गुप्ता ने चालक से उर्वरक परिवहन एवं विक्रय से संबंधित आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा।
जांच के दौरान चालक किसी भी प्रकार के वैध दस्तावेज जैसे POS रसीद, M-फार्म, e-way बिल अथवा अधिकृत चालान प्रस्तुत नहीं कर सका। विभागीय अधिकारियों के अनुसार बिना वैध दस्तावेज के यूरिया का परिवहन आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955, उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 एवं उर्वरक मूवमेंट कंट्रोल ऑर्डर के प्रावधानों का उल्लंघन है।
नियमों के उल्लंघन पाए जाने पर कृषि विभाग की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए वाहन एवं उर्वरक को जप्त कर थाना सीतापुर के प्रधान आरक्षक की सुपुर्दगी में सौंप दिया। विभाग द्वारा प्रकरण तैयार कर दंडात्मक कार्रवाई हेतु न्यायालय कलेक्टर सरगुजा को प्रेषित किया गया है। साथ ही उर्वरक की गुणवत्ता एवं शुद्धता की जांच के लिए नमूने लेकर राजकीय प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
प्रारंभिक पूछताछ में चालक ने बताया कि जप्त उर्वरक अन्नपूर्णा खाद भंडार पत्थलगांव से संबंधित है तथा इसे अजीत गुप्ता पिता मोहन गुप्ता, निवासी कमलेश्वरपुर (मैनपाट) के कहने पर ले जाया जा रहा था। हालांकि समाचार लिखे जाने तक किसी भी पक्ष द्वारा उक्त उर्वरक पर स्वामित्व का दावा प्रस्तुत नहीं किया गया है।
कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान परिस्थितियों में खाद की कालाबाजारी एवं जमाखोरी पर प्रशासन की विशेष नजर है। किसानों के हितों की रक्षा के लिए शासन प्रतिबद्ध है तथा अवैध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों एवं संस्थानों के विरुद्ध आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।



