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राष्ट्रीय मंच पर चमके छत्तीसगढ़ के दो सितारे, कला-संस्कृति को मिला गौरव!

डॉ. आनन्द पाण्डेय और घनश्याम साहू को प्रतिष्ठित उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार, प्रदेश की प्रतिभा ने बढ़ाया मान

The Chalta/रायपुर। छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति और रंगमंचीय परंपरा को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है। जशपुर के डॉ. आनन्द पाण्डेय को उत्कृष्ट अभिनय तथा सारंगढ़ के श्री घनश्याम साहू को विशिष्ट नाट्य लेखन एवं छत्तीसगढ़ी फिल्मों में प्रभावशाली पटकथा लेखन के लिए प्रतिष्ठित उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। नई दिल्ली में आयोजित समारोह में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने दोनों कलाकारों को सम्मान प्रदान किया।

यह उपलब्धि केवल दो कलाकारों का सम्मान नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, रचनात्मक सोच और कलात्मक प्रतिभा की राष्ट्रीय पहचान का प्रतीक है। दोनों कलाकारों ने अपनी साधना, सृजनशीलता और कला के प्रति समर्पण से यह साबित किया है कि प्रतिभा किसी क्षेत्र की सीमाओं में बंधी नहीं होती, बल्कि अपने कार्यों से राष्ट्रीय मंच पर विशिष्ट स्थान बना सकती है।

जशपुर के डॉ. आनन्द पाण्डेय को रंगमंच के क्षेत्र में उत्कृष्ट अभिनय, प्रभावशाली प्रस्तुति और अपने सशक्त अभिनय कौशल के माध्यम से विशिष्ट पहचान स्थापित करने के लिए प्रतिष्ठित उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उनके अभिनय ने रंगमंचीय कला को समृद्ध करने और दर्शकों तक सामाजिक एवं सांस्कृतिक भावनाओं को प्रभावी ढंग से पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

वहीं, सारंगढ़ के श्री घनश्याम साहू को विशिष्ट नाट्य लेखन तथा छत्तीसगढ़ी फिल्मों में प्रभावशाली पटकथा लेखन के लिए सम्मानित किया गया। अपने लेखन के माध्यम से उन्होंने नाट्य विधा और छत्तीसगढ़ी सिनेमा को नई रचनात्मक दृष्टि प्रदान की है। उनकी लेखन प्रतिभा क्षेत्रीय भाषा, स्थानीय परिवेश और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को अभिव्यक्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जाती है।

प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने दोनों कलाकारों को बधाई देते हुए इसे छत्तीसगढ़ के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान प्रदेश की रंगमंचीय परंपरा और रचनात्मक प्रतिभाओं को नई ऊर्जा देने वाला है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति और प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के प्रयास निरंतर आगे बढ़ रहे हैं। ऐसे सम्मान प्रदेश के युवा कलाकारों को अपनी प्रतिभा निखारने, लोक संस्कृति को संरक्षित करने और अपनी रचनात्मकता के माध्यम से नई ऊंचाइयां हासिल करने की प्रेरणा देते हैं। 

डॉ. आनन्द पाण्डेय और श्री घनश्याम साहू की यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ के हर उभरते कलाकार के लिए प्रेरणास्रोत है।

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