बलरामपुर के कुसमी क्षेत्र में 4 एकड़ में अफीम की खेती का खुलासा,लगातार कार्रवाई से दिख रहा सुशासन सरकार का असर
झारखंड के व्यक्ति ने ग्रामीणों से जमीन लीज पर लेकर की खेती, पुलिस-प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई में पौधे जब्त

The Chalta/छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के कुसमी थाना क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध अफीम की खेती का मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत त्रिपुरी के सरनाटोली में लगभग 4 एकड़ जमीन पर अफीम के पौधे लगाए जाने की जानकारी मिलने के बाद पुलिस व प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू कर दी।
जानकारी के अनुसार सरनाटोली निवासी रूपदेव राम पिता ठाकुर राम और कौशिल पिता रुंगु की करीब 4 एकड़ जमीन को झारखंड के एक व्यक्ति ने लीज पर लिया था। दोनों ही खेत चारों ओर जंगल से घिरे हुए हैं, जिसका फायदा उठाकर यहां गुप्त रूप से अफीम की खेती की जा रही थी।

बताया जा रहा है कि जमीन मालिकों को फूलों की खेती करने के नाम पर बरगलाया गया था। बाद में उसी जमीन पर अवैध रूप से अफीम की फसल उगाई गई। जब ग्रामीणों को इस बात की भनक लगी कि खेत में अफीम की खेती हो रही है, तो इसकी सूचना पुलिस को दी गई।
सूचना मिलते ही मंगलवार सुबह बलरामपुर और जशपुर जिले के चार थानों की पुलिस टीम, कुसमी के एसडीएम, एसडीओपी, तहसीलदार और थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे। प्रशासन द्वारा खेतों में लगे अफीम के पौधों को जब्त कर नष्ट करने की कार्रवाई जारी है।
गौरतलब है कि इससे पहले दुर्ग जिले के ग्राम समोदा में भी अफीम की खेती का मामला सामने आया था। लगातार सामने आ रहे मामलों को देखते हुए प्रशासन सतर्क हो गया है। सूत्रों का कहना है कि बाहरी लोगों द्वारा छत्तीसगढ़ को अवैध नशीली फसलों के लिए निशाना बनाने की कोशिश की जा रही है, जिसे बिष्णु सुशासन की सरकार के प्रशासन व पुलिस की सक्रिय कार्रवाई से विफल किया जा रहा है।



