20 लाख रुपये के लालच में दोहरा हत्याकांड, शिक्षिका और मासूम बेटे की हत्या का आरोपी गिरफ्तार
सूरजपुर में मां-बेटे की हत्या की गुत्थी सुलझी, लोन की रकम हड़पने के लिए वारदात को दिया अंजाम; पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने आरोपी को पकड़ा, कार समेत हत्या में प्रयुक्त सामान और लूटे गए जेवरात बरामद

The Chalta/सूरजपुर। 20 लाख रुपये के लोन की रकम हड़पने के लालच में एक परिचित कारोबारी पर महिला शिक्षिका और उसके मासूम बेटे की हत्या करने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने पहले शिक्षिका की गला घोंटकर हत्या की और फिर राज खुलने के डर से उसके बेटे को बहाने से अपने साथ ले जाकर पत्थरनुमा सीमेंट के खंभे से वार कर मौत के घाट उतार दिया। सूरजपुर जिले में सामने आए इस दोहरे हत्याकांड की गुत्थी पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने सुलझाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त ग्रैंड विटारा कार, खून से सना सीमेंट का खंभा, पानी की बोतल तथा लूटे गए जेवरात और महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं।
जंगल के पास नाली में मिला था बेटे का शव
घटना की शुरुआत 10 अक्टूबर 2026 को हुई, जब जयनगर थाना क्षेत्र के ग्राम महाबीरपुर कोरयाबारी नर्सरी जंगल के पास कच्ची सड़क किनारे नाली में एक युवक का लहूलुहान शव मिला। ग्राम महाबीरपुर के सरपंच महेश प्रसाद की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। बाद में जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम मुक्ताराजा निवासी अविनाश बरेठ ने शव की पहचान अपने भांजे सुजल बरेठ के रूप में की। शॉर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर और सीने पर गंभीर चोटों के कारण हत्या किए जाने की पुष्टि होने पर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) के तहत मामला दर्ज किया।
अगले दिन घर के बाथरूम में मिली शिक्षिका की लाश
11 अक्टूबर को मामले में एक और गंभीर खुलासा हुआ। अविनाश बरेठ ने विश्रामपुर थाने पहुंचकर पुलिस को बताया कि उसकी बहन रजनी बरेठ, जो पेशे से शिक्षिका थी, अपने बेटे सुजल के साथ ममता कॉलोनी केशवनगर में किराए के मकान में रहती थी। 9 अक्टूबर से रजनी का मोबाइल बंद था और उसके घर के बाहर ताला लगा हुआ था।
11 अक्टूबर की रात करीब दो बजे पुलिस और परिजनों की मौजूदगी में घर का ताला तोड़कर तलाशी ली गई। इस दौरान बाथरूम के अंदर रजनी बरेठ का शव बरामद हुआ। पुलिस के अनुसार, महिला की गला घोंटकर हत्या की गई थी। एक ही परिवार के मां-बेटे की अलग-अलग स्थानों पर लाश मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई।
सीसीटीवी फुटेज से मिला अहम सुराग
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज दीपक कुमार झा के निर्देश पर सूरजपुर पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल ने जांच की कमान संभाली। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश देवांगन और एसडीओपी अभिषेक पैंकरा के नेतृत्व में विश्रामपुर, जयनगर पुलिस तथा अंबिकापुर साइबर सेल की संयुक्त टीम गठित की गई।
जांच टीम ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। एक फुटेज में शिक्षिका के घर वाली गली में काली टी-शर्ट और कंधे पर सफेद गमछा रखे एक संदिग्ध व्यक्ति की गतिविधियां दिखाई दीं। इसके बाद पुलिस ने विश्रामपुर के एक कार वॉशिंग सेंटर के फुटेज की जांच की, जहां उसी हुलिए का व्यक्ति अपनी ग्रैंड विटारा कार धुलवाने पहुंचा था।
कार का नंबर CG 15 EG 7101 सामने आने के बाद पुलिस ने विश्रामपुर की चोपड़ा कॉलोनी में दबिश देकर 36 वर्षीय प्रवेश कुमार, पिता गुरदित मल, निवासी कैथल रोड, करनाल (हरियाणा) को हिरासत में लिया।
20 लाख रुपये के लोन की रकम बनी हत्या की वजह
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी प्रवेश कुमार ने दोनों हत्याओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। आरोपी की पत्नी और मृतका रजनी एक ही स्कूल में शिक्षिका थीं। इसी कारण आरोपी का रजनी के घर आना-जाना था और दोनों परिवार एक-दूसरे से परिचित थे।
आरोपी मोटर पार्ट्स का कारोबार करता था और उस पर आर्थिक दबाव था। पुलिस के मुताबिक, उसे जानकारी मिली थी कि रजनी के बैंक खाते में 20 लाख रुपये की लोन राशि आने वाली है। इसी रकम को हड़पने के इरादे से उसने वारदात की योजना बनाई।
पुलिस की जांच के अनुसार, 9 अक्टूबर को आरोपी अपनी ग्रैंड विटारा कार विश्रामपुर के एक वॉशिंग सेंटर में छोड़कर पैदल रजनी के घर पहुंचा। उस समय सुजल घर पर अकेला था और रजनी स्कूल से नहीं लौटी थी। शाम को सुजल के ट्यूशन जाने के बाद आरोपी ने रजनी से रुपये मांगे। उसके इनकार करने पर आरोपी ने कथित तौर पर स्टील की पानी की बोतल से उस पर हमला किया।
जान बचाने के लिए रजनी मुख्य दरवाजे की ओर भागी, लेकिन आरोपी ने उसे खींचकर बाथरूम में धकेल दिया। वहां हाथापाई के बाद आरोपी ने उसकी गर्दन पर पैर रखकर दबाया, जिससे दम घुटने के कारण उसकी मौत हो गई।
बेटे को भी रास्ते से हटाने की रची साजिश
पुलिस के अनुसार, रजनी की हत्या के बाद आरोपी को आशंका हुई कि सुजल ने उसे घर में देख लिया था और वह घटना का खुलासा कर सकता है। इसी डर से उसने बच्चे की भी हत्या करने की योजना बनाई।
आरोपी रजनी की स्कूटी और हेलमेट लेकर निकला तथा स्कूटी को नायरा पेट्रोल पंप के पास छोड़ दिया। इसके बाद वॉशिंग सेंटर से अपनी कार लेकर वह रजनी के घर के तिराहे पर सुजल का इंतजार करने लगा।
रात करीब नौ बजे ट्यूशन से लौट रहे सुजल को उसने यह कहकर अपने झांसे में लिया कि उसकी मां उसके घर पर है। इसके बाद वह बच्चे को कार में बैठाकर कुमदा होते हुए अंबिकापुर ले गया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने पहले बच्चे को मैगी खिलाई और फिर वापस लौटते समय राई जंगल के पास शौच के बहाने कार रोक दी।
आरोप है कि कार से उतरने के बाद आरोपी ने स्टोल से सुजल का गला कसने का प्रयास किया। बच्चा भागने लगा तो उसने सड़क किनारे पड़े सीमेंट के टूटे खंभे से उसके सिर और सीने पर वार कर दिए, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद आरोपी शव को कार में रखकर कई स्थानों पर घूमता रहा और अंततः कालीघाट-कोरयाबारी नर्सरी के पास नाले में फेंककर फरार हो गया।
कार धुलवाई, खून से सनी फुटमैट जलाई
वारदात के बाद आरोपी ने जयनगर के एक सर्विस सेंटर में कार धुलवाई और खून से सनी फुटमैट को जला दिया, ताकि साक्ष्य मिटाए जा सकें। पुलिस के अनुसार, उसने सुजल के दो मोबाइल फोन विश्रामपुर स्थित अपने घर की रसोई में छिपाए थे।
वहीं, शिक्षिका रजनी का मोबाइल फोन, सिम कार्ड, सोने-चांदी के जेवरात, चेक, आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, मतदाता पहचान पत्र और एटीएम कार्ड अंबिकापुर स्थित अपनी ससुराल में छिपाकर रखे थे।
पुलिस ने कार, जेवरात और दस्तावेज किए बरामद
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल की गई ग्रैंड विटारा कार, खून से सना सीमेंट का खंभा, पानी की बोतल, दोनों मोबाइल फोन, जेवरात और विभिन्न दस्तावेज बरामद किए हैं। मामले में पुलिस की संयुक्त टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच को आगे बढ़ाते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, 20 लाख रुपये की लोन राशि हड़पने के कथित लालच से शुरू हुई यह वारदात दो जिंदगियों की हत्या और साक्ष्य मिटाने के प्रयास तक पहुंच गई। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।



