विधायक रामकुमार टोप्पो की मौजूदगी में केवीके मैनपाट में आयोजित हुआ पीएम किसान सम्मान निधि कार्यक्रम
किसानों को आधुनिक खेती, प्राकृतिक कृषि एवं उद्यानिकी फसलों के प्रति किया प्रोत्साहित, प्रधानमंत्री का वर्चुअल संबोधन भी सुना।

The Chalta/मैनपाट/सीतापुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत कृषि विज्ञान केंद्र मैनपाट में पीएम किसान सम्मान निधि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से देशभर के किसानों को संबोधित किया। इस दौरान पीएम किसान सम्मान निधि की राशि डीबीटी के माध्यम से पात्र किसानों के बैंक खातों में ऑनलाइन हस्तांतरित की गई। कृषि विज्ञान केंद्र में उपस्थित किसानों ने प्रधानमंत्री के उद्बोधन का सीधा प्रसारण भी देखा और सुना।

कार्यक्रम में सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और किसान देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। किसानों की आय बढ़ाने और खेती को लाभकारी बनाने के लिए आधुनिक कृषि तकनीक, नवाचार एवं वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाना आवश्यक है। उन्होंने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने तथा शासन की कृषि योजनाओं का लाभ उठाने के लिए भी किसानों को प्रेरित किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जनपद पंचायत सीतापुर के उपाध्यक्ष एवं किसान मोर्चा छत्तीसगढ़ के प्रदेश उपाध्यक्ष अनिल अग्रवाल ने की। उन्होंने कृषि से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा करते हुए किसानों को धान की खेती के साथ-साथ उद्यानिकी फसलों की खेती अपनाने की सलाह दी, ताकि किसानों की आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित हो सकें।

विशिष्ट अतिथि राजकुमार गुप्ता ने किसानों को धान विक्रय के दौरान आवश्यक सावधानियों की जानकारी दी। वहीं, अनुविभागीय कृषि अधिकारी सीतापुर श्रीमती अनीता एक्का ने कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने एग्रीस्टैक पंजीयन एवं धान खरीदी पंजीयन की प्रक्रिया की जानकारी भी दी।
कृषि विज्ञान केंद्र मैनपाट के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. वी.एन. गौतम ने स्वागत उद्बोधन में पीएम किसान सम्मान निधि योजना के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। साथ ही पशुपालन से संबंधित नवीन तकनीकों की जानकारी किसानों को दी।
केंद्र के कृषि विशेषज्ञ प्रदीप लकड़ा ने प्राकृतिक खेती एवं खेत बचाव अभियान के उद्देश्यों को विस्तार से समझाया। उन्होंने कार्यक्रम का संचालन भी किया। केंद्र के वैज्ञानिक चंद्रमणि साहू ने फसलों में लगने वाले कीट एवं बीमारियों की पहचान और उनके प्रभावी प्रबंधन के बारे में जानकारी दी।
कार्यक्रम में हॉर्टिकल्चर कॉलेज सीतापुर के डीन वीरेंद्र तिग्गा, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्रीमती लिली बखला, चलता कृषि फार्म के प्रबंधक संतोष बेक, कृषि विकास अधिकारी महेंद्र पैंकरा, कृषि अधिकारी श्रीमती रामप्यारी, बोधसाय कुर्रे, अमित गुप्ता सहित अन्य कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में महिला एवं पुरुष किसानों ने सहभागिता की। इस दौरान किसानों को शासन की योजनाओं, वैज्ञानिक खेती, प्राकृतिक कृषि और फसल प्रबंधन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।



