चक्रवात ‘अर्नब’ से प्रभावित किसानों को मिलेगी बीमा राहत, घटना के 72 घंटे के भीतर 14447 पर दर्ज कराना अनिवार्य
फसल नुकसान की सूचना 72 घंटे के भीतर देना अनिवार्य, 15 दिनों में भुगतान का प्रावधान

रायपुर। चक्रवात ‘अर्नब’ के प्रभाव से हुई बेमौसम बारिश और तेज हवाओं के कारण प्रदेश के किसानों की फसलों को हुए नुकसान का आकलन शुरू कर दिया गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर कृषि विभाग द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में फसल क्षति का सर्वेक्षण कराया जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रदेश में अब तक फसल क्षति से संबंधित कुल 59,666 सूचनाएं प्राप्त हुई हैं। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार जिला प्रशासन एवं बीमा कंपनियों को निर्धारित समय-सीमा में सर्वेक्षण पूरा कर पात्र किसानों को फसल बीमा दावा राशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
किसानों के लिए जरूरी सूचना
कृषि विभाग ने प्रभावित किसानों से अपील की है कि वे फसल नुकसान की सूचना घटना के 72 घंटे के भीतर कृषि रक्षक टोल फ्री नंबर 14447 पर दर्ज कराएं।
प्रावधान के अनुसार, सूचना प्राप्त होने के 48 घंटे के भीतर सर्वेयर नियुक्त किया जाएगा। सर्वेक्षण एवं दावा प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र किसानों को 15 दिनों के भीतर बीमा दावा राशि का भुगतान बैंक खाते में किए जाने का प्रावधान है।
किसानों को समय पर मिलेगी राहत
प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को आर्थिक नुकसान से उबारने और उन्हें राहत पहुंचाने के लिए फसल क्षति का आकलन एवं बीमा दावा प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है। प्रशासन और बीमा कंपनियों को पात्र किसानों के दावों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रभावित किसान निर्धारित 72 घंटे की समय-सीमा के भीतर फसल नुकसान की सूचना अवश्य दर्ज कराएं, ताकि उन्हें फसल बीमा योजना के तहत नियमानुसार राहत मिल सके।



