दिव्यांग बच्चों की पहचान एवं सर्वेक्षण हेतु सीतापुर में मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण आयोजित
30 संकुलों के समन्वयक और समावेशी शिक्षा शिक्षकों को दी गई सर्वेक्षण एवं चिन्हांकन की विस्तृत जानकारी

The chalta/सीतापुर, 11 जून 2026। समग्र शिक्षा के अंतर्गत दिव्यांग बच्चों की पहचान एवं सर्वेक्षण कार्य को प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध ढंग से संपादित करने के उद्देश्य से विकासखंड स्त्रोत केंद्र (बीआरसी) कार्यालय सीतापुर में मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं पूजन के साथ किया गया। प्रशिक्षण सत्र प्रातः 11:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक संचालित हुआ।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री अनिल कुमार मिश्रा, स्पेशल एजुकेटर श्रीमती हेमलता पटेल, समावेशी शिक्षा बीआरपी श्रीमती मीना गुप्ता, लेखापाल श्री प्रदीप गुप्ता सहित विकासखंड के सभी 30 संकुल शैक्षिक समन्वयक (सीएसी) एवं 30 संकुल स्त्रोत शिक्षक (समावेशी शिक्षा) उपस्थित रहे।
प्रशिक्षण के दौरान समावेशी शिक्षा बीआरपी श्रीमती मीना गुप्ता ने प्रतिभागियों को दिव्यांगता के विभिन्न प्रकारों की पहचान, सर्वेक्षण प्रक्रिया, प्रपत्रों के सही संधारण, पात्र बच्चों के चिन्हांकन, डेटा संकलन तथा समयबद्ध रिपोर्टिंग संबंधी विस्तृत जानकारी प्रदान की। साथ ही दिव्यांग बच्चों को उपलब्ध कराई जाने वाली विभिन्न शैक्षणिक एवं सहायक सुविधाओं के संबंध में भी विस्तार से अवगत कराया गया।

सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री अनिल कुमार मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि दिव्यांग बच्चों की सही पहचान एवं समय पर सर्वेक्षण से उन्हें शासन की विभिन्न योजनाओं तथा शैक्षणिक सुविधाओं का लाभ दिलाने में सहायता मिलेगी। उन्होंने सभी मास्टर ट्रेनरों को अपने-अपने संकुल क्षेत्रों में प्रशिक्षण का प्रभावी प्रसार सुनिश्चित करते हुए सर्वेक्षण कार्य को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।
प्रशिक्षण में उपस्थित अधिकारियों एवं प्रतिभागियों ने दिव्यांग बच्चों के शत-प्रतिशत चिन्हांकन एवं गुणवत्तापूर्ण सर्वेक्षण कार्य के सफल क्रियान्वयन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। कार्यक्रम का आयोजन एवं संचालन विकासखंड स्त्रोत केंद्र कार्यालय सीतापुर द्वारा किया गया।



