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सीतापुर विकासखंड में खरीफ 2026 की तैयारी तेज, उर्वरक आपूर्ति व्यवस्था पर कड़ी निगरानी

निरीक्षण दल गठित, औचक जांच व छापेमारी जारी • कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई • वैकल्पिक वितरण व्यवस्था लागू

The Chalta/सीतापुर विकासखंड में आगामी खरीफ मौसम 2026 को ध्यान में रखते हुए कृषि विभाग ने उर्वरक आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ एवं पारदर्शी बनाने के लिए व्यापक स्तर पर कार्यवाही शुरू कर दी है। किसानों को समय पर, उचित मूल्य पर और पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी उद्देश्य से विकासखंड के सभी उर्वरक विक्रय केंद्रों की निगरानी के लिए विशेष निरीक्षण दल का गठन किया गया है।

यह निरीक्षण दल उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के प्रावधानों के तहत विभिन्न क्षेत्रों में लगातार औचक निरीक्षण और छापेमारी कर रहा है। जांच के दौरान उर्वरकों के भंडारण, विक्रय दर, स्टॉक पंजी, वितरण प्रक्रिया और लाइसेंस से संबंधित दस्तावेजों की गहन पड़ताल की जा रही है। किसी भी प्रकार की अनियमितता, जमाखोरी या अधिक मूल्य पर बिक्री पाए जाने पर संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।

कृषि विभाग का मुख्य उद्देश्य यह है कि किसानों को खेती के महत्वपूर्ण समय पर किसी भी प्रकार की परेशानी न हो और वे अपनी खरीफ फसलों के लिए समय पर उर्वरक प्राप्त कर सकें। विभाग द्वारा सभी अधिकृत विक्रय केंद्रों पर संतुलित और पारदर्शी वितरण सुनिश्चित किया जा रहा है।

वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए कृषि उत्पादन आयुक्त, छत्तीसगढ़ द्वारा सहकारी समितियों के माध्यम से उर्वरक विक्रय पर अस्थायी प्रतिबंध के निर्देश जारी किए गए हैं। इसके अनुपालन में वैकल्पिक व्यवस्था लागू करते हुए निजी विक्रय केंद्रों और अन्य अधिकृत माध्यमों के जरिए किसानों तक उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।

संभावित कमी की स्थिति से निपटने के लिए गोदामों में पर्याप्त मात्रा में उर्वरकों का भंडारण भी किया जा रहा है। विभागीय अधिकारी नियमित रूप से स्टॉक की समीक्षा कर रहे हैं, ताकि आपूर्ति श्रृंखला बाधित न हो। इसके साथ ही कृषि विभाग द्वारा प्राकृतिक खेती, जैविक उर्वरकों और नैनो उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। अधिकारियों और मैदानी अमले को इस संबंध में विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि किसानों को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल खेती के लिए मार्गदर्शन मिल सके।

कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत विक्रय केंद्रों से ही उर्वरक खरीदें और किसी भी अनियमितता की स्थिति में तुरंत संबंधित कृषि अधिकारी को सूचना दें। शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई का आश्वासन भी दिया गया है।

उर्वरक निरीक्षक संतोष कुमार बेक ने बताया कि नोडल अधिकारी श्रीमती अनीता एक्का के मार्गदर्शन में निरीक्षण कार्य लगातार जारी है, जिससे आपूर्ति व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया जा सके।
साथ ही निरीक्षक बेक ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों की सुरक्षा और कृषि व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए इस प्रकार की निगरानी और नियंत्रण कार्यवाहियां आगे भी जारी रहेंगी।

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