मनरेगा घोटाला: 5 साल बाद फरार तत्कालीन जनपद CEO श्रवण कुमार मरकाम गिरफ्तार
फर्जी बिलों के ज़रिये 30 लाख से अधिक के गबन का आरोप, एक डिप्टी कलेक्टर अब भी फरार

The Chalta/बलरामपुर-रामानुजगंज/मिट्टी-मुरुम, एनीकट, सड़क व सह पुलिया समेत अन्य निर्माण कार्यों में फर्जी दस्तावेज़ और बिल लगाकर 30 लाख रुपए से अधिक के गबन के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वाड्रफनगर जनपद पंचायत के तत्कालीन सीईओ श्रवण कुमार मरकाम को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी अपराध दर्ज होने के बाद पिछले 5 वर्षों से फरार चल रहा था।
पुलिस के अनुसार, जनपद पंचायत वाड्रफनगर के ग्राम पंचायत तुंगवा, गुडरू, जमई एवं पेंडारी में वर्ष 2014-15 के दौरान मुरुम-मिट्टी, सड़क, सह पुलिया, तटबंध तथा डब्ल्यूबीएम निर्माण कार्यों में फर्जी बिल लगाकर कुल 30 लाख 2 हजार 449 रुपए का गबन किया गया था। इस घोटाले में तत्कालीन सीईओ श्रवण कुमार मरकाम (एस.के. मरकाम) सहित अन्य की संलिप्तता पाई गई।
इस मामले में 30 अप्रैल 2020 को तत्कालीन जनपद पंचायत सीईओ द्वारा बसंतपुर थाना (वाड्रफनगर चौकी) में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध धारा 467, 468, 409, 420 एवं 34 भादवि के तहत अपराध पंजीबद्ध किया था।
पुलिस इससे पहले वाड्रफनगर जनपद के मनरेगा पीओ और दो सप्लायरों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है, जबकि इस प्रकरण में शामिल दूसरे तत्कालीन जनपद सीईओ, जो वर्तमान में डिप्टी कलेक्टर पद पर पदस्थ हैं, अब भी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस उनकी लगातार तलाश कर रही है।



