राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने जगदलपुर में ‘बस्तर पंडुम 2026’ का किया उद्घाटन,12 विधाओं में होगी जनजातीय कला की प्रस्तुति
लालबाग मैदान में राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मौजूदगी में शुरू हुआ जनजातीय सांस्कृतिक महोत्सव

The Chalta/जगदलपुर के ऐतिहासिक लालबाग मैदान में आज माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी ने ‘बस्तर पंडुम 2026’ का भव्य शुभारंभ किया। इस गरिमामयी अवसर पर राज्यपाल श्री रमेन डेका जी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

‘बस्तर पंडुम 2026’ के अंतर्गत नृत्य, संगीत, शिल्प और कला की 12 विधाओं के माध्यम से बस्तर की समृद्ध एवं बहुरंगी जनजातीय सांस्कृतिक विरासत को सजीव रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। यह आयोजन जनजातीय संस्कृति को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी नई पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी, राज्यपाल श्री रमेन डेका जी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बस्तर की लोक संस्कृति, जनजातीय परंपराओं और जीवनशैली को दर्शाती भव्य प्रदर्शनी का अवलोकन किया।

प्रदर्शनी में बस्तर की प्रमुख पारंपरिक कलाओं—डोकरा धातु कला, टेराकोटा शिल्प, बाँस एवं लकड़ी की नक्काशी, जनजातीय आभूषण और चित्रकला के साथ-साथ स्थानीय जनजातीय व्यंजन जैसे मंडिया पेज, चापड़ा चटनी, जोंधरी लाई के लड्डू, कुलथी दाल, तथा पारंपरिक पेय लांदा और सल्फी की आकर्षक प्रस्तुति की गई। यह प्रदर्शनी बस्तर की सांस्कृतिक समृद्धि और जनजातीय जीवनशैली की जीवंत झलक प्रस्तुत करती नजर आई।



