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साय कैबिनेट के बड़े फैसले: धर्मांतरण पर सख्ती से लेकर भर्ती व्यवस्था में सुधार तक कई अहम निर्णय

धर्म स्वातंत्र्य विधेयक को मंजूरी, कर्मचारी चयन मंडल के गठन का रास्ता साफ; पंजीयन उपकर समाप्त करने सहित कई संशोधन विधेयकों को हरी झंडी

The Chalta/रायपुर/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्यहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में प्रशासनिक सुधार, पारदर्शिता, भर्ती प्रक्रिया और विकास से जुड़े कई विधेयकों के प्रारूप को मंजूरी प्रदान की गई।


मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक, 2026 के प्रारूप को अनुमोदन दिया। इस विधेयक का उद्देश्य राज्य में एक धर्म से दूसरे धर्म में बलपूर्वक, प्रलोभन देकर, कपटपूर्ण तरीकों, अनुचित प्रभाव या मिथ्या निरूपण के माध्यम से किए जाने वाले धर्मांतरण पर प्रभावी रोक लगाना है।

बैठक में विशुद्ध रूप से राजनीतिक आंदोलनों से जुड़े प्रकरणों को वापस लेने के प्रस्ताव पर भी सहमति दी गई। मंत्रिपरिषद की उप-समिति द्वारा अनुशंसित 13 मामलों को न्यायालय से वापस लेने का अनुमोदन किया गया।

मंत्रिपरिषद ने अपारम्परिक ऊर्जा स्रोतों पर आधारित संयंत्रों और परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए अनुदान की दरें निर्धारित करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की।
बैठक में छत्तीसगढ़ उपकर (संशोधन) विधेयक, 2026 के प्रारूप को मंजूरी दी गई, जिसके लागू होने के बाद पंजीयन पर लगने वाला उपकर शुल्क समाप्त हो जाएगा।

इसके साथ ही छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश (संशोधन) विधेयक, 2026 तथा छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल अधिनियम, 1972 (संशोधन) विधेयक, 2026 के प्रारूप को भी स्वीकृति दी गई।

राज्य में भर्ती प्रक्रिया को अधिक सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल विधेयक, 2026 को भी मंजूरी दी। इस मंडल के गठन से राज्य शासन के विभिन्न विभागों में तकनीकी और गैर-तकनीकी तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती के लिए परीक्षाओं का आयोजन और चयन प्रक्रिया एक ही संस्था के माध्यम से की जाएगी।

लोक परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ (लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक, 2026 को भी अनुमोदित किया। इसका उद्देश्य परीक्षा प्रणाली में निष्पक्षता और विश्वसनीयता को मजबूत करना है।

बैठक में छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 40, 50 और 59 में संशोधन से संबंधित विधेयक के प्रारूप को भी मंजूरी प्रदान की गई।


इसके अलावा खेल अधोसंरचना को बढ़ावा देने के लिए मंत्रिपरिषद ने जिला क्रिकेट एसोसिएशन राजनांदगांव को राजगामी संपदा की 5 एकड़ भूमि आवंटित करने का निर्णय लिया। इस भूमि पर अत्याधुनिक क्रिकेट मैदान और क्रिकेट अकादमी का निर्माण किया जाएगा।

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