सीतापुर में ईदुलफितर की नमाज की गई अदा, विधायक श्री टोप्पो नमाज़ स्थल पहुंचकर समुदाय के नागरिकों को दी मुबारकबाद
ईदुलफितर रमजान के महीने के बाद आने वाला एक महत्वपूर्ण त्योहार है. यह दिन विशेष रूप से मुस्लिम समुदाय के लिए खुशी और आभार का प्रतीक होता है. रमजान के महीने में दिनभर रोजा रहने के बाद, यह त्योहार रात्रि की नमाज के साथ शुरू होता है ,और विशेष रूप से ईद की नमाज के साथ एक नई शुरुआत का संदेश देता है

दchaltaसरगुजा/सीतापुर में आज ईदुलफितर का पर्व धूमधाम से मनाया गया. इस अवसर पर सीतापुर अंजुमन कमेटी के द्वारा ईदगाह में ईदुलफितर की नमाज अदा की गई.नमाज के बाद लोग एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद देते हुए खुशियां बांटते नजर आए। इस अवसर पर सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो नमाज़ स्थल पर पहुंचे और समुदाय के नागरिकों को ईदुलफितर की दी मुबारकबाद। कमेटी के नागरिकों ने कहा विधायक रामकुमार टोप्पो के ईदगाह पहुंचकर मुबारक देने से पर्व में चार चांद लग गए।
ईदुलफितर रमजान के महीने के बाद आने वाला एक महत्वपूर्ण त्योहार है. यह दिन विशेष रूप से मुस्लिम समुदाय के लिए खुशी और आभार का प्रतीक होता है रमजान के महीने में दिनभर रोजा रहने के बाद, यह त्योहार रात्रि की नमाज के साथ शुरू होता है ,और विशेष रूप से ईद की नमाज के साथ एक नई शुरुआत का संदेश देता है।
ईदुलफितर की नमाज सीतापुर ईदगाह में सुबह के समय अदा की गई. जिसमे सैकड़ों लोग एकत्रित हुए. नमाज के दौरान लोग एकसाथ खड़े होकर, एकसाथ रुख करके, और अल्लाह की मर्जी की दुआ करते हुए नमाज अदा करते हैं. नमाज के बाद, लोग ईदगाह के बाहर निकलकर एक-दूसरे से मिलते हैं, व गले लगकर, हाथ मिलाकर और एक-दूसरे को ईद की मुबारकबाद देते हैं। लोग एक-दूसरे के घरों में जाकर भी ईद की खुशियां साझा करते हैं। इस दिन खासतौर पर रिश्ते मजबूत करने की कोशिश की जाती है. लोग एक-दूसरे को मीठे पकवान और सेवइं बांटते हैं, और साथ ही इस दिन की विशेषता को महसूस करते हैं।
इस दिन का एक और महत्वपूर्ण पहलू है ज़कात देना…..मुस्लिम समुदाय के लोग इस दिन अपनी कमाई का एक हिस्सा गरीबों और जरूरतमंदों को दान करते हैं. इस दान को ‘ज़कात’ कहा जाता है, जो कि इस दिन का एक अहम हिस्सा होता है. इसके जरिए, मुस्लिम समाज में एकता और भाईचारे का संदेश फैलता है.! आलमीन अहमद.