भंवराडांड में ‘PAN जमुना धान’ बीज की गुणवत्ता पर सवाल,CM हेल्पलाइन में शिकायत के बाद कृषि विभाग ने की जांच:तीन पक्षों को
CM हेल्पलाइन में शिकायत के बाद खेत का निरीक्षण, तीन पक्षों को कारण बताओ नोटिस; बीज की शुद्धता प्रभावित होने की पुष्टि

सीतापुर/भंवराडांड, 19 अक्टूबर। सरगुजा जिले के सीतापुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम भंवराडांड में धान बीज की गुणवत्ता को लेकर गंभीर मामला सामने आया है। किसान की शिकायत पर कृषि विभाग ने खेत में पहुंचकर फसल का निरीक्षण किया, जहां धान की फसल में व्यापक स्तर पर करगा धान (वाइल्ड राइस) के पौधे पाए गए। विभागीय निरीक्षण में फसल की आनुवंशिक शुद्धता प्रभावित होने की बात सामने आई है। मामले को गंभीरता से लेते हुए कृषि विभाग ने संबंधित बीज विक्रेता, कृषि सेवा केंद्र संचालक और बीज कंपनी के प्रतिनिधि को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर जवाब मांगा है।
CM हेल्पलाइन में की गई थी शिकायत
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम भंवराडांड निवासी किसान शामकुमार लकड़ा ने CM हेल्पलाइन नंबर 1076 पर शिकायत दर्ज कराई थी। किसान का आरोप था कि उन्होंने अपनी 1 एकड़ 14 डिसमिल भूमि में बुवाई के लिए ‘PAN जमुना धान’ बीज 1200 रुपये प्रति पैकेट की दर से खरीदा था। कुल 2400 रुपये खर्च कर उन्होंने खेत में धान की बुवाई की थी, लेकिन फसल बढ़ने के दौरान खेत में बड़ी संख्या में करगा धान (Wild Rice) के पौधे दिखाई देने लगे। इससे धान की मुख्य फसल प्रभावित होने और उत्पादन में नुकसान की आशंका बढ़ गई।

कृषि विभाग की टीम ने किया खेत का निरीक्षण
शिकायत के निराकरण के लिए उप संचालक कृषि सरगुजा पीताम्बर सिंह दीवान के मार्गदर्शन में कृषि विभाग की टीम ने भंवराडांड पहुंचकर खेत का निरीक्षण किया। टीम में वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी लिली मारिस बाखला, बीज एवं उर्वरक निरीक्षक संतोष कुमार बेक तथा ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी उर्मिला कुजूर शामिल थीं।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने किसान के खेत में खड़ी धान की फसल का भौतिक सत्यापन किया। विभागीय प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, खेत में करगा धान के पौधों का व्यापक प्रकोप पाया गया, जिससे फसल की आनुवंशिक शुद्धता प्रभावित होने की पुष्टि हुई। इससे किसान की शिकायत प्रथम दृष्टया सही पाई गई।
बीज कंपनी और विक्रेताओं को नोटिस
मामले की गंभीरता को देखते हुए कृषि विभाग ने संबंधित पक्षों के विरुद्ध कार्रवाई शुरू कर दी है। निरीक्षण के दौरान मौजूद बीज कंपनी PAN सीड्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधि ट्रेड सेल्स मैनेजर सुजीत कुमार पटेल, कृषि सेवा केंद्र सोनतराई के संचालक आशीष कुशवाहा तथा किराना दुकान संचालक संजय गुप्ता को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
निरीक्षक संतोष कुमार बेक ने तीनों पक्षों को तीन दिन के भीतर लिखित स्पष्टीकरण और अभिलेख प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराना संबंधित विक्रेताओं और कंपनियों की जिम्मेदारी है। बीज की गुणवत्ता में लापरवाही या अमानक बीज की बिक्री को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर होगी कार्रवाई
बीज एवं उर्वरक निरीक्षक संतोष बेक ने बताया निर्धारित समय सीमा में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने अथवा अमानक बीज वितरण की पुष्टि होने पर बीज अधिनियम, 1966 के प्रावधानों के तहत संबंधित लाइसेंस निरस्त करने सहित अन्य दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
इस मामले में आगे की कार्रवाई संबंधित पक्षों से प्राप्त स्पष्टीकरण और जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी। फिलहाल, किसान को हुई संभावित आर्थिक क्षति और बीज की गुणवत्ता से जुड़े सवालों के बीच कृषि विभाग की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।



