सदियों की आस्था का केंद्र माँ महामाया धाम, धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा;₹200 करोड़ की कार्ययोजना
रतनपुर के समग्र विकास के लिए ₹200 करोड़ की कार्ययोजना, ‘छत्तीसगढ़ आस्था पथ’ के लिए बजट में ₹5 करोड़ का प्रावधान

The Chalta/रायपुर/ छत्तीसगढ़ की समृद्ध धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक माँ महामाया धाम सदियों से श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है। राजा रत्नदेव प्रथम से जुड़ा यह प्राचीन शक्तिधाम प्रदेश की ऐतिहासिक पहचान को समृद्ध करता है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश के पाँच शक्तिपीठों के विकास, धार्मिक स्थलों के संरक्षण और पर्यटन सुविधाओं के विस्तार की पहल की जा रही है। इसी कड़ी में माँ महामाया धाम सहित प्रमुख धार्मिक स्थलों को विकसित कर श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।

केंद्र सरकार की प्रसाद योजना के अंतर्गत रतनपुर के समग्र विकास के लिए ₹200 करोड़ की कार्ययोजना तैयार की गई है। वहीं, बजट 2026 में ‘छत्तीसगढ़ आस्था पथ’ के लिए ₹5 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इन पहलों का उद्देश्य प्रदेश की धार्मिक विरासत को संरक्षित करने के साथ धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना और स्थानीय स्तर पर पर्यटन आधारित गतिविधियों को प्रोत्साहित करना है।
साय सरकार की इन पहलों के माध्यम से छत्तीसगढ़ के प्रमुख शक्तिपीठों को नई पहचान देने, श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं का विस्तार करने और ऐतिहासिक धार्मिक स्थलों की विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित पहुंचाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।



