किलकिलेश्वर धाम किलकिला में तीन दिवसीय रुद्राभिषेक संपन्न
15 जोड़ों ने की भगवान शिव की आराधना

TheChalta/पत्थलगांव किलकिला/ किलकिलेश्वर धाम किलकिला में आयोजित तीन दिवसीय रुद्राभिषेक कार्यक्रम का 21 अगस्त को विधिवत पूर्णाहुति के साथ समापन हुआ। 19 अगस्त से प्रारंभ हुए इस धार्मिक अनुष्ठान में क्षेत्र के श्रद्धालुओं ने श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ भगवान शिव का रुद्राभिषेक किया। इस दौरान कुल 15 जोड़ों ने मुख्य कर्ता के रूप में पूजा-अर्चना में सहभागिता निभाई।
रुद्राभिषेक के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार, विधि-विधान एवं धार्मिक अनुष्ठानों के साथ भगवान किलकिलेश्वर का अभिषेक किया गया। तीनों दिनों तक मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा। पूर्णाहुति के अवसर पर श्रद्धालुओं ने भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि एवं क्षेत्र की मंगलकामना की।
आचार्य एवं पंडितों ने कराया अनुष्ठान
रुद्राभिषेक अनुष्ठान आचार्य पं. ओमप्रकाश पाणिग्राही, बरमकेला के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। उपाचार्य पं. आदित्य प्रकाश पाणिग्राही के साथ जापक पं. ईश्वर प्रसाद पाणिग्राही, पं. बिरची प्रसाद परिग्राही, पं. रोशन पाणिग्राही, पं. नितिन पाणिग्राही, पं. लव कुमार पण्डा, पं. किशन सतपथी, पं. रितेश नायक, पं. मोहन दास एवं पं. चन्द्रशेखर पाखी ने धार्मिक अनुष्ठान में अपनी सेवाएं दीं।
इन श्रद्धालु जोड़ों ने किया रुद्राभिषेक
मुख्य कर्ताओं में सुरेन्द्र गुप्ता एवं पत्नी सरस्वती गुप्ता, ग्राम मुड़ेकेला; पंकज गुप्ता एवं पत्नी सोनाली, सुरेशपुर; पवन शर्मा एवं पत्नी मालती शर्मा, पत्थलगांव; कृष्णा कुमार पटेल एवं पत्नी कमला, बहमा; आकाश पटेल एवं पत्नी अमन पटेल, पत्थलगांव; अंतराम पटेल एवं पत्नी जयकुंवर, ठाकुरपोड़ी; रत्नाकर खुटिया एवं पत्नी जयंती खुटिया, नारायणपुर; उपेन्द्र यादव एवं पत्नी देवंती यादव, गोर्रा पारा; प्रेम गुप्ता एवं पत्नी चन्द्रवती गुप्ता, किलकिला; शंकर यादव एवं पत्नी हरिप्रिया, पतरापाली; चन्द्र प्रसाद एवं पत्नी मालती, सुरेशपुर; युधिष्ठिर यादव एवं पत्नी मीरा बाई यादव, गोर्रा पारा; दीपक यादव एवं पत्नी ललिता, नारायणपुर तथा रेवती यादव, ईला निवासी शामिल रहे।
रुद्राभिषेक की पूर्णाहुति के पश्चात श्रद्धालुओं के बीच भंडारा प्रसाद वितरण किया गया। आयोजन के समापन पर आयोजन कर्ता सुरेन्द्र गुप्ता एवं शामिल जोड़ों ने एवं श्रद्धालुओं ने धार्मिक अनुष्ठान की सफलता के लिए आचार्यों एवं आयोजन से जुड़े सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।
किलकिलेश्वर धाम में संपन्न हुआ यह तीन दिवसीय रुद्राभिषेक केवल एक धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं, बल्कि श्रद्धा, भक्ति और सामूहिक आस्था का सुंदर संगम रहा। भगवान किलकिलेश्वर के चरणों में श्रद्धालुओं ने क्षेत्र की खुशहाली और सर्वजन के मंगल की कामना की।



