प्रकृति की गोद में तीन दिवसीय सांस्कृतिक महाकुंभ का समापन,जनसहभागिता, लोकधुनों, बॉलीवुड नाइट और खेल प्रतियोगिताओं से…
प्रकृति, संस्कृति और विकास के संगम में तीन दिनों तक गूंजा छत्तीसगढ़ का ‘शिमला’

The Chalta/मैनपाट/सरगुजा/ प्राकृतिक सौंदर्य और शीतल वादियों के लिए प्रसिद्ध मैनपाट में आयोजित तीन दिवसीय मैनपाट महोत्सव 2026 जनसहभागिता, सांस्कृतिक वैभव, खेल रोमांच और पर्यटन संवर्धन का ऐतिहासिक उत्सव बनकर उभरा। प्रकृति की गोद में सजे इस महोत्सव ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा, प्रतिभाओं और राज्य सरकार की विकासपरक सोच का सशक्त प्रदर्शन किया।

प्रथम दिवस: सुर, ताल और विकास संदेश का संगम
महोत्सव का शुभारंभ भव्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ हुआ। विशेष आकर्षण के रूप में आमंत्रित सुप्रसिद्ध भोजपुरी गायक मनोज तिवारी ने ‘रिंकिया के पापा’ सहित अपने लोकप्रिय गीतों से जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने ‘छत्तीसगढ़ का शिमला मैनपाट सज रहा है’ गीत के माध्यम से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा जिले को दी गई 500 करोड़ से अधिक की विकास सौगातों का उल्लेख करते हुए राज्य की विकास नीतियों की सराहना की।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की झलक
रिदम व्हिसल रॉक बैंड की ऊर्जावान बॉलीवुड प्रस्तुति से माहौल जीवंत हुआ।
आयुष नामदेव की भावपूर्ण गायकी ने श्रोताओं को भावविभोर किया।
विधि सेन गुप्ता ने ओडिसी नृत्य की गरिमामयी प्रस्तुति दी।
आनंदिता तिवारी एवं रित्विका बनर्जी ने कथक नृत्य से शास्त्रीय सौंदर्य बिखेरा।
आंचल पांडे का ‘शिव तांडव’ विशेष आकर्षण रहा।
सुनील सोनी की छत्तीसगढ़ी लोकधुनों पर दर्शक झूम उठे।
छऊ नृत्य की रोमांचक प्रस्तुति ने वीरता और लोकगाथाओं को जीवंत किया।
सरगुजा से मुंबई तक अपनी पहचान बना चुके स्वप्नील जायसवाल ने दमदार प्रस्तुति दी।

द्वितीय दिवस: लोकधुनों और बॉलीवुड सुरों की धूम
दूसरे दिन का मंच छत्तीसगढ़ी और बॉलीवुड गीतों के नाम रहा। मशहूर लोक गायिका अलका चंद्राकर ने जसगीत, ददरिया और सुवा गीतों से समां बांध दिया। वहीं इंडियन आइडल फेम वैशाली रायकवार की बॉलीवुड प्रस्तुतियों ने दर्शकों को देर रात तक झूमने पर मजबूर कर दिया।

विशेष आकर्षण
जांजगीर-चांपा के शांति प्रतिमा डांस ग्रुप के ट्रांसजेंडर कलाकारों ने ‘नौ दुर्गा’ नृत्य नाटिका से खूब तालियां बटोरीं।
स्थानीय कलाकारों एवं स्कूली बच्चों ने भी मंच पर प्रतिभा का प्रदर्शन किया। नवीन शासकीय संगीत महाविद्यालय, अंबिकापुर की छात्राओं की कथक प्रस्तुति सराही गई।

खेल और रोमांच: दंगल बना मुख्य आकर्ष
महोत्सव में आयोजित दंगल प्रतियोगिता खेल प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र रही। दुर्ग, जशपुर सहित विभिन्न जिलों और राज्यों से पहुंचे पहलवानों ने दमखम दिखाया। विजेताओं को समापन अवसर पर पुरस्कृत किया गया।
मेला, बोटिंग और पर्यटन संवर्धन

सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ सजा भव्य मेला, स्थानीय उत्पादों और व्यंजनों की स्टॉल, तथा बोटिंग की व्यवस्था लोगों के आकर्षण का केंद्र रही। बड़ी संख्या में पर्यटकों ने प्राकृतिक सौंदर्य के बीच रोमांच का अनुभव किया।
पश्चिम बंगाल सहित अन्य राज्यों से आए पर्यटकों ने आयोजन की सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं की सराहना की। स्थानीय नागरिकों ने इसे क्षेत्र की पहचान को नई मजबूती देने वाला आयोजन बताया।
तृतीय दिवस: बॉलीवुड नाइट में झूम उठा मैनपाट
समापन संध्या पर प्रसिद्ध गायिका कनिका कपूर के बॉलीवुड गीतों ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। अंतिम शाम उत्साह, रोशनी और तालियों की गड़गड़ाहट के बीच यादगार बन गई।

जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति और आभार
समापन अवसर पर सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज एवं स्थानीय विधायक रामकुमार टोप्पो सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। विधायक रामकुमार टोप्पो ने सभी प्रतिभागियों, कलाकारों, प्रशासनिक अधिकारियों और नागरिकों का आभार व्यक्त किया।

जनपद पंचायत अध्यक्ष संतोषी पैंकरा(मैनपाट)ने मीडिया से बातचीत में कहा:- मैनपाट महोत्सव 2026 ने यह सिद्ध किया कि जब संस्कृति, खेल, पर्यटन और विकास एक मंच पर आते हैं, तो वह आयोजन केवल उत्सव नहीं बल्कि क्षेत्रीय पहचान और सामाजिक समरसता का प्रतीक बन जाता है।तीन दिनों तक चला यह महोत्सव सरगुजा की सांस्कृतिक विविधता, प्राकृतिक संपदा और विकास की नई दिशा का जीवंत उदाहरण बनकर उभरा।

मैनपाट महोत्सव में कलेक्टर श्री अजीत वसंत, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री राजेश अग्रवाल, जिला पंचायत सीईओ श्री विनय कुमार अग्रवाल, अपर कलेक्टर श्री सुनील नायक और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अमोलक सिंह ढिल्लो , जनपद अध्यक्ष श्रीमती संतोषी पैंकरा,जनपद उपाध्यक्ष श्री अनिल सिंह,श्री रजनीश पाण्डेय ,श्री राम यादव , रमजान खान, महेश यादव, डीडीसी रतनी, निर्मल कुजुर सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।



