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10 रुपये की टिकट लेकर मयाली नेचर कैंप पहुंचे मुख्यमंत्री साय, खुद आजमाए एडवेंचर स्पोर्ट्स

नियमों के पालन का दिया संदेश, पर्यटन से रोजगार और फिटनेस को बताया भविष्य की कुंजी

The Chalta/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज एक अलग और प्रेरक अंदाज़ में नजर आए। उन्होंने जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मयाली नेचर कैंप में आम पर्यटकों की तरह 10 रुपये की टिकट कटाकर प्रवेश किया और वहां उपलब्ध साहसिक खेल गतिविधियों का आनंद लिया। मुख्यमंत्री द्वारा स्वयं प्रवेश शुल्क अदा करना नियमों के पालन, समानता और पारदर्शिता का सशक्त संदेश माना जा रहा है।


इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन और एडवेंचर स्पोर्ट्स स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा कर रहे हैं। प्रकृति आधारित पर्यटन न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देता है, बल्कि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में आजीविका के नए साधन भी उपलब्ध कराता है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी कौशल्या साय, विधायक गोमती साय, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष रामप्रताप सिंह, पर्यटन विभाग के सचिव रोहित यादव, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में खेल प्रेमी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने मयाली नेचर कैंप में विकसित अधोसंरचनाओं, सुरक्षा व्यवस्था और पर्यटकों के लिए उपलब्ध सुविधाओं की सराहना की। उन्होंने स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की पहल को सराहनीय बताते हुए कहा कि ऐसे पर्यटन स्थल राज्य के आर्थिक और सामाजिक विकास में अहम भूमिका निभा रहे हैं।


चार नए एडवेंचर स्पोर्ट्स का हुआ शुभारंभ
मुख्यमंत्री श्री साय ने एटीवी बाइक स्वयं चलाकर साहसिक पर्यटन का अनुभव लिया। उन्होंने बैलून शूटिंग में सटीक निशाना साधते हुए इस खेल का शुभारंभ किया। इसके अलावा आर्चरी शूटिंग में तीर चलाकर और माउंटेन साइक्लिंग में स्वयं साइकिल चलाकर फिटनेस और स्वस्थ जीवनशैली का संदेश दिया। इस अवसर पर वॉल क्लाइंबिंग बोर्ड का भी उद्घाटन किया गया।

कार्यक्रम के दौरान वॉल क्लाइंबर तेज सिंह और तेजल भगत ने वॉल क्लाइंबिंग कर अपने कौशल का शानदार प्रदर्शन किया, जिसकी मुख्यमंत्री ने खुले दिल से प्रशंसा की। मुख्यमंत्री बॉक्स क्रिकेट खेलते हुए भी नजर आए और आकर्षक शॉट लगाए।

मुख्यमंत्री ने मयाली नेचर कैंप स्थित कैक्टस गार्डन का भी अवलोकन किया, जहां वनमंडलाधिकारी शशि कुमार ने विभिन्न प्रजातियों के कैक्टस और उनके औषधीय महत्व की जानकारी दी।

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