जब अपनों ने ठुकराया, तब पुलिस बनी सहारा परिजनों के इंकार के बाद केरजू पुलिस ने निभाया अंतिम फर्ज
“हमने पहले ही उसका पानी नहा दिया है, हमारे लिए वह कब की मर चुकी है।”: परिजन

The Chalta/सीतापुर/जंगल के सन्नाटे में झूलती एक महिला की लाश… न कोई अपना पास, न कोई आंसू बहाने वाला। कुनमेरा गांव से मिली सूचना पर केरजू चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। फांसी पर लटकी महिला का शव उतारा गया, मर्ग पंचनामा हुआ, पोस्टमॉर्टम कराया गया और फिर शुरू हुई उसके अपनों की तलाश।

पुलिस जब महिला के मायके पहुंची, तो वहां से जो जवाब मिला, उसने हर संवेदनशील मन को झकझोर दिया—
“हमने पहले ही उसका पानी नहा दिया है, हमारे लिए वह कब की मर चुकी है।”
इन शब्दों के साथ परिजनों ने शव लेने से साफ इंकार कर दिया।

ऐसे समय में, जब रिश्ते टूट गए और समाज ने मुंह मोड़ लिया, तब सीतापुर पुलिस ने मानवता का हाथ थामा। केरजू चौकी पुलिस ने उस महिला को अकेला नहीं छोड़ा, बल्कि अपने हाथों से उसका कफन-दफन कर अंतिम विदाई दी। वर्दी में इंसानियत का यह रूप मौजूद हर किसी की आंखें नम कर गया।
फिलहाल पुलिस महिला के पति और अन्य संदिग्धों की तलाश में जुटी है। कानूनी कार्रवाई जारी है, लेकिन इस घटना ने यह जरूर साबित कर दिया कि जब अपने पराये हो जाते हैं, तब भी मानवता ज़िंदा रहती है।



