मैनपाट आदिवासी छात्रावास में छात्रों की जगह मुर्गा-पालन! कार्रवाई के नाम पर सिर्फ ‘स्थानांतरण’ मुर्गा मुर्गी का: अजब-गजब
मंडल संयोजक के दौरे के बाद भी नहीं रुका खेल, सरपंच का आरोप – अधिक्षक पर नहीं, मुर्गा-मुर्गियों पर हुई कार्रवाई

मैनपाट क्षेत्र के एक आदिवासी छात्रावास में छात्रों के रहने की जगह पर मुर्गा-पालन किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। इस अव्यवस्था की शिकायत ग्राम सरपंच द्वारा मंडल संयोजक मैनपाट से की गई थी। शिकायत के बाद मंडल संयोजक 1 जनवरी को दौरे पर पहुंचे और मौके पर कड़ी फटकार लगाते हुए छात्रावास से मुर्गा-पालन हटाने का आदेश दिया।
हालांकि 2 जनवरी की शाम the Chalta.com के पास पुनः शिकायत पहुंची कि अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। जांच में सामने आया कि मंडल संयोजक द्वारा कार्रवाई तो की गई, लेकिन वह सिर्फ औपचारिक साबित हुई। छात्रावास के अंदर से मुर्गा-मुर्गियों को बाहर निकालकर पास के अतिरिक्त कक्ष में रख दिया गया।
सरपंच ने तंज कसते हुए कहा,
“ऐसा प्रतीत होता है मानो छात्रावास अधिक्षक पर नहीं, बल्कि मुर्गा-मुर्गियों पर ही कार्रवाई हुई हो। उन्हें सिर्फ एक जगह से दूसरी जगह ‘स्थानांतरित’ कर दिया गया।”
मामले को लेकर अब गांव में नाराज़गी है। सरपंच और ग्रामवासियों ने स्पष्ट किया है कि कल अंतिम निर्णय लिया जाएगा—या तो मुर्गा-पालन को पूरी तरह हटाया जाएगा, या फिर एक बार और छात्रावास अधिक्षक को माफ किया जाएगा।
गांव के लोग सवाल उठा रहे हैं कि आदिवासी छात्रों की सुविधा और सुरक्षा से जुड़े मामले में जिम्मेदार अधिकारी केवल दिखावटी कार्रवाई तक सीमित क्यों हैं? चाहे छात्रावास हो या एकलव्य आवासीय विद्यालय।



