फर्जी अंकसूची के आधार पर आंगनबाड़ी सहायिका नियुक्ति का मामला
न्यायालय के आदेश पर सीतापुर थाना में आरोपी महिला के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध

The Chalta/सीतापुर (सरगुजा)/माननीय न्यायालय न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, सीतापुर जिला सरगुजा (छ.ग.) के ज्ञापन क्रमांक/क्यू/कोर्ट सीतापुर दिनांक 02.02.2026 के परिपालन में थाना सीतापुर में आंगनबाड़ी सहायिका पद पर नियुक्ति के दौरान फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत करने के मामले में आरोपी महिला के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ कर दी गई है।
प्रकरण के अनुसार, ग्राम भारतपुर निवासी श्रीमती शशिकला तिर्की (24 वर्ष) द्वारा न्यायालय में प्रस्तुत आवेदन के आधार पर श्रीमती बालामति पति मुन्ना राम (उम्र 32 वर्ष), निवासी ग्राम भारतपुर, जो वर्तमान में आंगनबाड़ी सहायिका के पद पर पदस्थ है, के विरुद्ध अपराध दर्ज किया गया है।
आवेदिका ने अपने आवेदन में बताया कि ग्राम भारतपुर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र लकड़ालता में सहायिका पद हेतु दोनों अभ्यर्थियों द्वारा परियोजना अधिकारी, एकीकृत बाल विकास परियोजना सीतापुर कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत किया गया था। प्रारंभिक मूल्यांकन सूची में आवेदिका को उसकी 8वीं कक्षा की अंकसूची के आधार पर प्रथम वरीयता दी गई थी।
आरोप है कि बाद में आरोपी द्वारा पहले प्रस्तुत की गई जिला पूर्व माध्यमिक प्रमाण पत्र परीक्षा 2008 की अंकसूची के स्थान पर जिला समतुल्यता पूर्व माध्यमिक प्रमाण पत्र परीक्षा 2008 की दूसरी अंकसूची प्रस्तुत कर परियोजना अधिकारी से मिलीभगत करते हुए संशोधित वरीयता सूची में प्रथम स्थान प्राप्त किया गया।

आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि एक ही वर्ष में दो अलग-अलग परीक्षाओं की अंकसूची प्राप्त करना प्रथम दृष्टया फर्जी प्रतीत होता है। आरोप है कि उक्त फर्जी अंकसूची के आधार पर आरोपी ने आंगनबाड़ी सहायिका पद पर नियुक्ति प्राप्त की।
इस संबंध में पूर्व में कलेक्टर एवं जिला परियोजना अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग सहित पुलिस विभाग को शिकायत दिए जाने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होने पर आवेदिका ने न्यायालय की शरण ली।
न्यायालय के आदेश के पश्चात थाना सीतापुर में बी.एन.एस. की धारा 319(2), 318(4), 336(3), 337, 338 एवं 340(2) के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है। पुलिस द्वारा मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।



