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नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर शादी के लिए सुरजपुर ले जाने का मामला – लड़की के पिता ने दर्ज कराई प्राथमिकी, “आरोपी पिता गिरफ्तार, पुत्र फरार”

बाल संरक्षण, सामाजिक जिम्मेदारी और कानून का पालन – यही सशक्त समाज की पहचान है..

The chalta/सीतापुर, (छत्तीसगढ़):
थाना सीतापुर क्षेत्र अंतर्गत एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें एक नाबालिग लड़की को शादी के बहाने बहला-फुसलाकर सुरजपुर ले जाया गया। मामले में पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी अभी फरार है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुरजपुर निवासी राधिका प्रसाद अपने पुत्र लव कुमार के साथ मुरता गांव में लड़की देखने आया था। लड़की के नाबालिग होने की जानकारी मिलने पर उसके पिता ने शादी से इनकार कर दिया, जिसके बाद दोनों पिता-पुत्र लौट गए।

कुछ ही दिनों बाद, राधिका प्रसाद और उसका बेटा लव कुमार फिर से मुरता आए और नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर सुरजपुर ले गए। जब लड़की के पिता ने इसका विरोध किया, तो एक रिश्तेदार के घर बैठक बुलाई गई। बैठक में समाज के अध्यक्ष और लड़की के पिता ने समझाइश दी कि लड़की अभी नाबालिग है, उम्र होने के बाद ही शादी उचित होगी। लेकिन पिता-पुत्र ने किसी की बात नहीं मानी और नाबालिग को लेकर वहां से चले गए।

इसके बाद लड़की के पिता ने थाना सीतापुर पहुंचकर प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2), 87, और 2(3) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू की।

थाना सीतापुर की टीम ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी राधिका प्रसाद को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने अपना अपराध स्वीकार किया, जिसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में 29/08/2025को भेज दिया गया है। वहीं, उसका पुत्र लव कुमार अभी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है।

इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक गौरव पाण्डेय, उप निरीक्षक रघुनाथ राम भगत, प्रधान आरक्षक अखिलेश भगत, आरक्षक राकेश यादव, देवदत्त सिंह, धनकेश्वर यादव, एवं रामप्रसाद की अहम भूमिका रही।

 

समाजिक जागरूकता का संदेश:

यह मामला केवल एक आपराधिक घटना नहीं है, बल्कि समाज में बाल विवाह और नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर एक बड़ी चेतावनी भी है।

🔴 नाबालिगों की शादी न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि उनके भविष्य को अंधकारमय बना सकती है।
🔴 हर माता-पिता, अभिभावक और समाज के व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वे ऐसे मामलों में सजग रहें और समय पर कार्रवाई करें।
🔴 समाज को चाहिए कि ऐसे अपराधों का न सिर्फ विरोध करें, बल्कि पीड़ित परिवार को समर्थन देकर न्याय दिलाने में सहयोग करें।

अगर आप भी किसी नाबालिग के साथ ऐसे व्यवहार को देखें, तो तुरंत नजदीकी थाना या चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर संपर्क करें।

बाल संरक्षण, सामाजिक जिम्मेदारी और कानून का पालन – यही सशक्त समाज की पहचान है।

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