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हर्रामार में करैत के काटने से 13 वर्षीय बालिका की मौत, झाड़-फूंक के चक्कर में हुई देरी
सीतापुर पुलिस मर्ग पंचनामा पोस्टमॉर्टम कराकर शव परिजनों को अंतिम संस्कार हेतु सौंप दी है..

सीतापुर। हर्रामार गांव में बुधवार रात हुई एक दर्दनाक घटना ने एक बार फिर अंधविश्वास की कड़वी सच्चाई सामने ला दी। करैत सांप के काटने से 13 वर्षीय कुमारी ननकी सिदार पिता सुखन सिदार की मौत हो गई। समय पर अस्पताल पहुंचाया जाता तो संभव था कि मासूम की जान बच जाती, लेकिन परिजन झाड़-फूंक के चक्कर में उलझे रहे।
घटना कैसे हुई?
- रात लगभग 10:30 बजे ननकी अपनी मां के साथ घर में जमीन पर सोई हुई थी।
- तभी करैत सांप ने उसे काट लिया।
- बालिका ने खुद परिजनों को सांप के काटने की जानकारी दी।
झाड़-फूंक में बीता कीमती समय
- परिजन तुरंत अस्पताल ले जाने के बजाय पहले बैध को बुलाने चले गए।
- झाड़-फूंक के लिए बुलाने जाने इत्यादि में घंटों बर्बाद हो गए।
- हालत बिगड़ने पर लगभग रात 2 बजे उसे सीतापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया।
अस्पताल पहुंचने पर
- डॉक्टरों ने जांच के बाद ननकी को मृत घोषित कर दिया।
- चिकित्सकों का कहना है कि समय पर एंटी-स्नेक वेनम इंजेक्शन दिया जाता तो जान बच सकती थी।
पुलिस कार्रवाई
- सूचना पर सीतापुर पुलिस मौके पर पहुंची।
- मर्ग पंचनामा दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार हेतु परिजनों को दिया गया।
अंधविश्वास पर भारी सबक
- ग्रामीणों का मानना है कि यह मौत जागरूकता की कमी और अंधविश्वास का परिणाम है।
- सीएमओ एस एन पैंकरा ने सलाह दी है कि सांप के काटने की स्थिति में तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाएं, झाड़-फूंक से बचें।
- समय पर इलाज मिलने पर अधिकतर पीड़ितों की जान बचाई जा सकती है।