सीतापुर में किसानों के खातों से फर्जी ऋण निकालने का आरोप, समिति प्रबंधक एवं शाखा पेटला प्रबंधक पर गंभीर सवाल:जांच व राहत की मांग
किसानों की सहमति बिना पासबुक-रसीद के नाम पर निकाली गई रकम, जन समस्या शिविर में शिकायत

The Chalta/सीतापुर जिले के केरजू लेम्पस अंतर्गत पंजीकृत किसानों ने सहकारी समिति प्रबंधक पर उनके खातों से फर्जी तरीके से ऋण निकाले जाने का गंभीर आरोप लगाया है। इस संबंध में जिला स्तरीय जन समस्या शिविर में लिखित शिकायत प्रस्तुत की गई है।

शिकायत में किसानों ने बताया कि आदिम जाति सेवा सहकारी समिति केरजू में कार्यरत तत्कालीन समिति प्रबंधक द्वारा बिना किसानों की जानकारी और सहमति के उनके खातों में ऋण दर्शा दिया गया। वर्ष 2025-26 में धान विक्रय के बाद जब किसान भुगतान लेने सहकारी बैंक पेटला पहुंचे, तब उन्हें जानकारी मिली कि उनके खातों से पहले ही ऋण निकाल लिया गया है, जबकि उन्होंने उतनी राशि का न तो ऋण लिया और न ही उसकी कोई रसीद प्राप्त की।

किसानों का आरोप है कि पासबुक उनके पास होने के बावजूद समिति व बैंक स्तर पर पासबुक, वाउचर और अन्य दस्तावेज़ों के आधार पर फर्जी तरीके से ऋण स्वीकृत कर राशि आहरित कर दी गई। वहीं, समिति कर्मचारियों द्वारा ऋण की सूची सार्वजनिक नहीं की जा रही है, जिससे किसानों को यह संदेह है कि बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा हुआ है।

किसानों ने बताया कि धान विक्रय के बाद भी उनसे ऋण की वसूली की जा रही है, जबकि कई छोटे किसानों ने कोई ऋण लिया ही नहीं था। इस आर्थिक दबाव और मानसिक प्रताड़ना के कारण किसान बेहद परेशान हैं, हालात इतने गंभीर हैं कि कुछ किसानों ने आत्मघाती कदम उठाने की आशंका भी जताई है।

पीड़ित किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि सहकारी समिति केरजू और जिला सहकारी बैंक पेटला के अधिकारियों-कर्मचारियों की निष्पक्ष जांच कराई जाए, फर्जी ऋण प्रकरण में दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो, किसानों पर थोपे गए अतिरिक्त ऋण को माफ किया जाए तथा गलत तरीके से वसूली गई राशि वापस दिलाई जाए।
किसानों का कहना है कि यदि समय रहते उन्हें न्याय और राहत नहीं मिली तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।



